रांची
झारखंड में यूरिया समेत सब्सिडी रहित उर्वरकों की टैगिंग और अधिक मूल्य पर बिक्री को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद कृषि विभाग सक्रिय हो गया है। कृषि निदेशक भोर सिंह यादव ने सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में उर्वरक विक्रेताओं की विशेष जाँच अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
यह कार्रवाई कृषि मंत्री नेहा शिल्पी तिर्की के निर्देश पर की जा रही है, जिनके संज्ञान में यह मामला लाया गया था कि कई विक्रेता निर्धारित दर से अधिक कीमत पर उर्वरक बेच रहे हैं या सब्सिडी रहित उर्वरकों को टैग कर गलत तरीके से वितरण कर रहे हैं।

कृषि निदेशक द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि:
• निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेचने पर लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है।
• पूरे राज्य में उर्वरकों की उपलब्धता, गुणवत्ता, मानकों एवं दरों की सघन जांच की जा रही है।
• किसी भी तरह की कालाबाजारी, जमाखोरी या ओवररेटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शिकायत कैसे करें:
यदि कोई किसान या नागरिक उर्वरक विक्रेताओं की अनियमितता का गवाह बनता है, तो वह झारखंड सरकार के किसान कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 1800-123-116 पर संपर्क कर सकता है।
कृषि निदेशालय ने सभी किसानों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त (अनुज्ञप्तिधारी) विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें और किसी भी अनधिकृत विक्रेता से दूरी बनाएं। कृषि विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना और कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
